स्विंग ट्रेडिंग क्या है? | What is Swing Trading | Swing Trading Strategies

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जाने स्विंग ट्रेडिंग क्या है? | What is “Swing Trading”

जब मार्केट में किसी शेयर या स्टॉक को खरीदने के बाद, अगर हम उसे कुछ दिन बाद बेचे, तो जितने समय के लिए कोई स्टॉक होल्ड पर रहता है तो उसे, उस स्टॉक का होल्डिंग पीरियड कहते है। इसका मतलब यह हुआ की, शेयर खरीदने के बाद जितने समय तक हम उसे नहीं बेचते है, वो उस शेयर का होल्डिंग टाइम कहलाता है। और हमारा स्टॉक होल्डिंग पीरियड कुछ दिनों से कुछ सफ्ताह तक का हो, या कुछ सफ्ताहो से कुछ महीनो तक का हो तो उसे स्विंग ट्रेडिंग “Swing Trading” कहते है।

शेयर बाजार में Swing Trading एक popular trading system है। और “Swing Trading” को ट्रेडिंग का किंग कहा जाता है। स्वींग ट्रेडिंग को कई अन्य नामो से भी जाना जाता है जैसे, स्वींग ट्रेडिंग, डिलीवरी बेस्ड ट्रेडिंग, शार्ट टर्म ट्रेडिंगस्विंग ट्रेडिंग, ट्रेडिंग की एक style है जो 1 से अधिक दिन से लेकर कुछ दिनों या कुछ हफ्तों तक चल सकती है। इसमें option या Stock में आने वाले moment के द्वारा लाभ प्राप्त किया जाता है। ये एक तरह से एक छोटे टाइम पीरियड के में की जाने वाली ट्रेडिंग है, जैसे – 2 दिन या 1 हफ्ता या फिर 15 दिन के time period में या 1 महीने से कुछ महीने या ३ महीने तक रख सकते है।

अगर आप अपने इन्वेस्टमेंट के लक्ष्य के हिसाब से 5-10 प्रतिसत प्रॉफिट की उम्मीद पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर रहे है, तो स्विंग ट्रेडिंग से आप पैसे कमा सकते हैं। वैसे तो शेयर मार्किट में 5 – 10 प्रतिशत मुनाफा कम प्रतीत होता है लेकिन प्रॉफिट कमाने के हिसाब से स्विंग ट्रेडिंग, ट्रेडिंग की एक बहुत अच्छी स्टाइल है।

“Swing Trading Strategies का मतलब यह होता है कुछ दिन, कुछ सफ्ताह के अंतराल में स्टॉक की खरीदी या बिक्री करना”

 

 

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